ननों को बस से उतारने पर छिड़ा विवाद शुरू होते ही इसके मुख्य अखबारों और चेनलो ने कवर करना शुरू कर दिया वही बजरंग दल और भारत के गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा सभी की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो चुकी है.

इस विषय के साथ ही church lobby और धर्म परिवर्तन सहित कई और एंगल इसमें जुड़ने शुरू हो गए हैं.

क्यों छिड़ा ननों को बस से उतारने पर छिड़ा विवाद

दरअसल केरल राज्य जिसे वामपंथियों और मुस्लिम वोटरों का गढ़ माना जाता है वह भाजपा भी अपनी पूरी कमर कस रही है तब ऐसी खबरों को बड़े जोर शोर से समाचारों में जगह मिल रही है. साथ ही इसके इसाई होने के कारण भारत की छवि वैश्विक द्रष्टिपटल ख़राब ना हो जाये तो इसके चलते गृह मंत्री को भी बयां देकर इसे संभालना पड गया.

अमित शाह ने क्या कहा ?

अमित शाह ने ईसाई धर्म की ननों को बस से उतारने पर छिड़ा विवाद पर सधी हुई प्रतिक्रिया देते हुए कार्यवाही का भरोसा दिया. एक धर्म निरपेक्ष राष्ट्र होने के नाते भारत को अपनी छवि बिगड़ते दिखाई देना बहुत दुखद है.

मगर राजनीति के गिरते स्तर के कारण बात बात पर छोटे मुद्दे को बहुत बड़ा बना दिया जाता है. इसमें आरोप की बौछार बजरंग दल पर आ रही है जो की कट्टर हिन्दू समर्थक माने जाते हैं और धार्मिक अन्धानुकरण के धुर विरोधी बताये जाते हैं.

क्यों है ननों से जुडा यह विवाद चर्चा का विषय

गूगल टॉप स्टोरीज में ननों पर छिड़े विवाद की चर्चा से जुडी The Print, The Week और NDTV की खबरों को जगह मिली जिसमे Nuns accused of Conversion, और Bajrang Dal denies role in Kerala Nurse Harrashment के साथ ही साथ Nuns Are Role Model and Indian Should Learn from them जैसी खबरों को देखा जा रहा है.

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