भारत में कोरोना की वर्तमान स्थिति घुटने टेकती सरकार और बेबस जनता आगे क्या

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कोरोना के आगे घुटने टेकती सरकार और बेबस जनता के बीच जाने सरकारी पेनल का अनुमान

कोरोना के घटते केस के साथ ही भारत सरकार ने पेनल के अनुसार अब तक के कोरोना काल को चार भागो में बाँट कर देखा जा सकता है. जिसके प्रथम चरण में विदेशो से इस संक्रमित बिमारी का आगमन हुआ था. और तभी lockdown लगाने के बाद आंशिक सफलता के कयास लगाये जा रहे थे.

भारत में आज के दिन तक रिपोर्ट हुए कुल 75,50,273 केस पाए गए जिसमें से आज दिनांक 19 अक्टूबर 2020 को 55,722 केस सामने आये हैं. और वही ओसतन हर 1 मिलियन लोगो में से 5,549 व्यक्ति कोरोना संक्रमित हुए हैं. व्यक्ति

भारत में कोरोना की वर्तमान स्थिति

प्रथम स्टेज में जहा कांटेक्ट ट्रेसिंग पर सर्वाधिक जोर दिया गया और जनता को लॉकडाउन में रहने को बाध्य किया गया. तब्लीघी जमात और देश की मीडिया के बहु प्रचलित धार्मिक आरोप प्रत्यारोपो के बीच जनता को मास्क पहनने और सोशल डिस्टेसिंग के लिए जागरूक किया गया. यहाँ पुलिस कर्मियों का योगदान अधिक रहा था.

वही दूसरी स्टेज में आते आते बीमारी का संक्रमण लोकल एरिया में होने लगा और तमाम राज्य और जिले इसकी भीषण चपेट में आ गए और महाराष्ट्र और दिल्ली आकंड़ो के लिहाज से काफी ग्रसित दिखाई दिए. इस स्टेज में लोग बीमारी के लिए आवश्यक टेस्ट नहीं करवाने और हेल्थ वर्कर्स को ही प्रताड़ित करते भी देखे गए.

वही धारावी जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में चुस्त प्रबंधन का फायदा भी देखने को मिला और वही दुसरे राज्यों में इसका व्यापक प्रसार होता दिखा.

कम्युनिटी ट्रांसमिशन और कोरोना की थर्ड स्टेज

अब तीसरी स्टेज में जहा लोकल ट्रांसमिशन के बाद आई बारी प्रशासन के फ़ैल होने के साथ ही सौर्स का पता नहीं लग पाने की, यहाँ आते आते हेल्थ वर्कर और पुलिस कर्मी थकते दिखाई दिये वही लोग लापरवाही के साथ अपनी पुराने तौर तरीको से बेख़ौफ़ कामकाज करते देखे गए.

अभी हम इसी तीसरी स्टेज से गुजर रहे हैं. यहाँ अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी देखि जा रही है और इसके बाद की तस्वीर भयावह हो सकती है. सरकार ने आंकड़े सुधारने के लिए जहा अग्रेसिव टेस्टिंग बंद कर दी है और अभी पोजिटीविटी की दर भी अधिक देखि जा रही है.

कोरोना से आगे क्या ?

अगर हालातों में सुधार नहीं आया तो इसका अगला दौर काफी दुखदाई साबित होता दिख सकता है.भारत के चिकित्सा मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने यह स्वीकार किया की देश में काफी जगह कम्युनिटी ट्रांसमिशन है. कल दिनांक 18 अक्टूबर को सन्डे संवाद के दौरान घनी आबादी वाले इलाको में कम्युनिटी ट्रांसमिशन होना बताया.

साथ ही आने वाले दिनों में जब त्यौहार का सीजन आने वाला है. ऐसे में कुछ केस और बढ़ेंगे और वही सर्दियों में कोरोना का संक्रमण अधिक होने की बात को स्वास्थ्य मंत्री ने नकारा भी नहीं. प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर ने बताया की लगभग देश की 30% जनता में इस बीमारी के प्रति एंटीबाडी बिकसित हो चुकी है.

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