बिहार चुनावों में चिराग पासवान अकेले लड़ेंगे, नीतीश का नेतृत्व नामंजूर

चिराग पासवान ने कहा मंजूर नहीं CM नीतीश का नेतृत्‍व, LJP बिहार में अकेले लड़ेगी चुनाव

आने वाले बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) में राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ गठबंधन को लेकर तनातनी के बीच चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (LJP)आज कोई बड़ा फैंसला लेने वाली है।

जो संकेत मिल रहे हैं उनके अनुसार एलजेपी 143 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और एनडीए द्वारा दी जा रही सीमित सीटों पर समझौता नही करेगी।

यह मीटिंग चल रही है और जो संकेत मिले हैं उनके अनुसार चिराग पासवान ने नीतीश कुमार का नेतृत्व नामंजूर कर दिया और nda के साथ अपने भविष्य के बारे में भी वो जल्दी ही फैसला लेंगे। जिसका ऐलान एलजेपी की संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद में पार्टी अध्‍यक्ष चिराग पासवान करेंगे।

चल रही है एलजेपी की अहम बैठक

यह बैठक वैसे कल होनी थी परंतु एलजेपी संसदीय बोर्ड ने पार्टी के संस्थापक राम विलास पासवान की तबीयत अचानक खराब हो जाने के कारण यह बैठक अचानक स्थगित करने का फैसला किया।

कल देर रात भाजपा की सरकार में केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान का दिल का ऑपरेशन किया गया। और अभी अहम बैठक चल रही है।

एनडीए में अपनी सदस्यता का फ़ैसला जल्द

बिहार विधानसभा चुनाव के LJP पार्टी की यह अंतिम बैठक है जिसके मद्देनजर कुछ बड़े और कठिन फैसले लेने की उम्मीद जताई जा रही है। जिसमे सीमित सीटों पर चुनाव लड़ना और NDA का साथ रखने जैसे मुद्दे पर एक निर्णय लेने को लेकर पार्टी का स्टैंड साफ करना है।

एलजेपी ने NDA के साथ मिलकर आने लिए कुल 36 -37 सीटों की मांग की थी वो भी अपनी मनपसंद सीटों पर। एलजेपी की यह मांग बीजेपी और जेडीयू को मंजूर नही होती और उनको अपनी तय सीटों पर और ज्यादा समझौते करने पड़ते। जबकि एलजेपी ने 143 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने और वह जेडीयू के खिलाफ भी अपने प्रत्‍याशी चुनावी समर में उतारने जा रही है।

बीजेपी शीर्ष नेतृत्व भी असमंज में

एनडीए में चिराग पासवान की पार्टी को शामिल रखने का दबाव बीजेपी पर साफ देखा जा रहा है। और भाजपा की तरफ से इस डैमेज को संभालने के लिए ग्रह मंत्री अमित शाह को आगे किया है जिन्होंने शुक्रवार को चिराग पासवान के साथ बीजेपी अध्‍यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) बातचीत भी की है।

राम विलास द्वारा चिराग पासवान को पार्टी की अगुवाई सौंपने के बाद अब सारा दारोमदार इस युवा नेता पर है। और ऐसी परिस्थितियों में चिराग पासवान के हद तक की रिस्क लेते हुए कुछ पीछे हटने का स्कोप रखते हुए सधी हुई प्रतिक्रिया देकर कुछ सीट और बढ़वाने के बाद मान मनोव्वल की औपचारिकता के बाद NDA में बने रहेंगे।

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