जलदाय मंत्री 100 दिनों में स्कूलों और आंगनवाडी केन्द्रों पर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चत करेंगे

0
193

100 दिनों में भारत की तमाम स्कूलों और आंगनवाडी केन्द्रों में होगी पीने के पानी की सप्लाई 

केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री एवं जोधपुर सांसद श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत जी ने आज दिनांक 3 अक्टूबर 2020 को अपने जन्मदिन की हार्दिक बधाई स्वीकार करते हुए शुभकामनाएं ग्रहण की और बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के तहत 100 दिनों के भीतर प्रत्येक आंगनवाडी और स्कूलों में पेयजल आपूर्ति की जाएगी.

वही कल उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 5वीं जयंती पर इसके संकेत दिए थे और आज इसकी विस्तृत चर्चा करते हुए उन्होंने न्यूज़ एजेंसी को बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार पेयजल आपूर्ति को लेकर जलशक्ति मंत्रालय ने देश के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के एक कठिन लक्ष्य रखा है.

जिसके तहत महज 100 दिन के भीतर यह अभियान पूरा किया जायेगा साथ ही भाजपा के शेखावत ने कहा, ऐसा अभियान देश के बच्चों का समग्र विकास को सुनिश्चित करेगा और उनके चेहरे पर मुस्कान लायेगा। ऐसा अभियान ही हमारी सरकार द्वारा हमारे राष्ट्रपिता की जयंती पर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है।

भाजपा मीडिया विभाग के अचल सिंह मेड़तिया ने इसकी डिटेल्स शेयर करते हुए बताया कि श्री गजेन्द्र शेखावत ने सभी मुख्यमंत्रियों और उप राज्यपालों से अपील की और इसके लिए सभी को पत्र भी लिखा है। शेखावत ने लिखा आप अपने राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में इस 100 दिनों के अभियान की अगुवाई करें। और इस अभियान को जन आंदोलन का रूप देकर आम जनता को प्रेरित करे और जागरूक बनाएं।

जलदाय मंत्री के शब्दों के अनुसार जल जीवन मिशन का लक्ष्य महिलाओं और बच्चों पर विशेष ध्यान देना है जिसके तहत सरकार और प्रशाषन घरों में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। बच्चों के लिए स्वच्छ जल इस मिशन की महत्वकांशी प्राथमिकता है.

इसका प्रमुख कारण कुछ जल-जनित बीमारियों जैसे टाइफाइड,दस्त,हैजा आदि है जिसके लिए हमारे देश के बच्चे  अति संवेदनशील होते हैं। जीवन के शुरूआती वर्षो में ही कोई अगर दूषित जल पीता है तो इस कारण बार-बार होने वाले संक्रमण से बच्चे दुर्बल हो जाते हैं।

शेखावत साथ ही बताया कि देश के उन हिस्सों में स्थिति बहुत अधिक जटिल है,जहां आर्सेनिक,फ्लोराइड और अन्य भारी धातुओं आदि से जल स्रोत दूषित पाए जाते हैं। लंबे समय तक ऐसा दूषित पानी पीने से आर्सेनिकोसिस,फ्लोरोसिस जैसी बीमारियां होती हैं.

इसके फलस्वरूप स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा हो जाती हैं। ऐसे गंभीर मुद्दों से निपटना ही हमारी सरकार का लक्ष्य है और इसके लिए स्कूल,आंगनवाड़ी केंद्र,स्वास्थ्य सेवा केंद्र आदि में नल के पानी के कनेक्शन के माध्यम से स्वच्छ जल सुनिश्चित कर जल जीवन मिशन कि सफलता अति आवश्यक है.

जो प्रावधान किए गए है अगर वो सुचारू रूप से लागू हो जाये तो देश का काफी भला होगा. 29 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल जीवन मिशन का अधिकारिक  “लोगो’ को लॉन्च किया था और देश के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का आह्वान किया था।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here